Meaning of

अज़ाब-ए-हश्र

azaab-e-hashr • عذاب حشر

प्रलय का कष्ट; अंतिम पीड़ा

torment of the Day of Judgment; ultimate suffering

قیامت کا عذاب; آخری تکلیف

Arabic

यह वाक्यांश प्रलय के दिन से जुड़ी गहरी भय और अपरिहार्य न्याय की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर अंतिम न्याय या मानव अस्तित्व पर मंडराते अपरिहार्य भाग्य का प्रतीक होता है।

कवि इसका उपयोग अस्तित्वगत भय के भार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उस कथा के चरमोत्कर्ष को दर्शा सकता है जहाँ पात्र अपनी गहरी आशंकाओं का सामना करते हैं। यह मुक्ति या आशा के क्षणों के विपरीत होता है।

अज़ाब-ए-हश्र अंतिम न्याय के सार को पकड़ता है। यह हमें उन गहरी सच्चाइयों की याद दिलाता है जो हमारी नश्वर समझ से परे हैं।