Meaning of

ब-रू-ए-कार

b-roo-e-kaar • بروئے کار

कार्यान्वित; उपयोग में लाना

brought into action; put to use

عمل میں لانا; استعمال کرنا

Persian

'ब-रू-ए-कार' उस क्षण का आभास कराता है जब कोई छिपी हुई चीज़ क्रियान्वित होती है। यह संभावना से क्रिया की ओर, विचार से कर्म की ओर संक्रमण का संकेत देता है। कविता में, यह अक्सर उस क्षण का प्रतीक होता है जब भावनाएँ या विचार मूर्त रूप लेते हैं।

कवि 'ब-रू-ए-कार' का उपयोग सुप्त भावनाओं या विचारों के सक्रियण का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह साक्षात्कार के क्षण या सपनों को वास्तविकता में लाने के कार्य का संकेत दे सकता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'ब-रू-ए-कार' परिवर्तन की सार्थकता और साक्षात्कार की शक्ति को पकड़ता है।