Meaning of

बख़्शनी

bakhshni • بخشی

क्षमा करना; देना; प्रदान करना

to forgive; to grant; to bestow

معاف کرنا; دینا; عطا کرنا

Persian

मुझ को बख़्शी है तू ने ख़ुद्दारी
मुफ़्लिसी दिल से शुक्रिया तेरा

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ख़ुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख़्शी है
कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं

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ज़िन्दगी छीन ले बख़्शी हुई दौलत अपनी
तू ने ख़्वाबों के सिवा मुझ को दिया भी क्या है

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बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़'
डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम

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तेरे हसीन तसव्वुर को सामने ला कर
शब-ए-फ़िराक़ को बख़्शी है चाँदनी मैं ने

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अब ख़ुदा नेमतें हमें बख़्शे
चाँद जैसी हमारी बेग़म हो

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किसी की याद में तिल तिल के घुटना और मर जाना
ख़ुदा दुश्मन को भी ऐसी पराई मौत ना बख़्शे

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कभी भी ज़िंदगी में ग़म मिले तो हँस के सह लेना
कोई नायाब सी बख़्शीश ठुकराया नहीं करते

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कभी भी ज़िंदगी में ग़म मिले तो हँस के सह लेना
कोई नायाब सी बख़्शीश ठुकराया नहीं करते

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तुम्हारे हाथों की रौनक़ नहीं बनी ये हिना
तुम्हारे हाथों ने रौनक़ हिना को बख़्शी है

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मुझ को बख़्शी है तू ने ख़ुद्दारी
मुफ़्लिसी दिल से शुक्रिया तेरा

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ख़ुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख़्शी है
कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं

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'बख़्शनी' का मूल अर्थ है क्षमा या दान देना, जो उदारता और कृपा का प्रतीक है। कविता में इस शब्द का प्रयोग दया, उदारता और आशीर्वाद देने की दिव्यता को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

'बख़्शनी' का प्रयोग कवि अक्सर एक दयालु देवता या उदार प्रेमी की छवि को उभारने के लिए करते हैं। यह अंतिम क्षमा या इच्छा पूरी करने की कृपा का प्रतीक हो सकता है।

कविता की दुनिया में, 'बख़्शनी' देने और क्षमा करने की गहरी सुंदरता को समेटे हुए है। यह एक ऐसा शब्द है जो दिल की गहरी इच्छाओं के साथ गूंजता है।