Meaning of

बरोज़-ए-क़यामत

baroz-e-qayaamat • بروز قیامت

प्रलय का दिन; क़यामत का दिन

day of judgment; apocalypse

قیامت کا دن; حشر کا دن

Arabic

यह वाक्यांश अंतिम न्याय का आभास देता है, जब सभी सत्य प्रकट होते हैं और न्याय होता है। कविता में, यह अक्सर भ्रम के अंत और वास्तविकता के अनावरण का प्रतीक होता है।

कवि इसे अंतिम सत्य और न्याय के विषयों को व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं। यह व्यक्तिगत या सामाजिक उथल-पुथल का प्रतीक हो सकता है। अक्सर सांसारिक चिंताओं के विपरीत, यह सांसारिक मामलों की क्षणभंगुर प्रकृति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, बरोज़-ए-क़यामत उन अनिवार्य सत्यों की याद दिलाता है जो हम सभी का इंतजार कर रहे हैं।