Meaning of

बज़्म-ए-अग़्यार

bazm-e-agyaar • بزم اغیار

अजनबियों की सभा; बाहरी लोगों की महफ़िल

gathering of strangers; assembly of outsiders

اجنبیوں کی محفل; باہر والوں کی محفل

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसी सभा की छवि प्रस्तुत करता है जहाँ परिचय का अभाव होता है, और वातावरण अज्ञात से भरा होता है। यह उस अकेलेपन की बात करता है जो भीड़ में भी महसूस हो सकता है।

कवि इसका उपयोग अलगाव और एकाकीपन की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह स्वयं और अपरिचित दुनिया के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है।

कविता में, अजनबियों की सभा आत्मा की अज्ञात यात्रा का रूपक बन जाती है।