Meaning of

बज़्म-ए-ख़ुद-ग़रज़

bazm-e-khud-gharz • بزم خود غرض

स्वार्थ की सभा; स्वार्थपरता की मंडली

gathering of self-interest; assembly of selfishness

خود غرضی کی محفل; خود غرضی کی مجلس

Persian

'बज़्म-ए-ख़ुद-ग़रज़' एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहाँ स्वार्थ प्रबल होता है। यह एक ऐसी सभा का संकेत देता है जहाँ व्यक्तिगत लाभ सामूहिक भलाई पर हावी होता है। कविता में, यह शब्द स्वार्थ की ओर मानव प्रवृत्ति की आलोचना करता है, इसे परोपकार और समुदाय के आदर्शों के विपरीत रखता है।

कवि 'बज़्म-ए-ख़ुद-ग़रज़' का उपयोग लालच और अलगाव के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह उन सामाजिक मूल्यों की आलोचना के रूप में कार्य करता है जहाँ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा सामुदायिक सद्भाव पर हावी होती है। यह शब्द एकता और साझा उद्देश्य की सभाओं के विपरीत है।

'बज़्म-ए-ख़ुद-ग़रज़' समाज की खामियों का आईना है। यह हमें स्वार्थ और सामूहिक कल्याण के बीच संतुलन पर विचार करने की चुनौती देता है।