Meaning of

बे-ग़ुरूब

be-ghuroob • بے غروب

अनंत; शाश्वत; बिना अस्त के

endless; eternal; without sunset

لامتناہی; ابدی; بغیر غروب کے

Persian

यह शब्द अनंतता की भावना को जगाता है, एक अंतहीन यात्रा जहाँ सूर्य कभी अस्त नहीं होता। कविता में, यह अक्सर प्रेम की शाश्वत प्रकृति या आत्मा के अनंत विस्तार का प्रतीक होता है।

प्रेम का वर्णन करने के लिए प्रयोग होता है जो समय से परे है। अक्सर उन शब्दों के विपरीत होता है जो अंत या सीमाओं का संकेत देते हैं। अनंत क्षितिज और शाश्वत प्रकाश की छवि को जगाता है।

'बे-ग़ुरूब' अपनी मूल में आत्मा की अनंत के लिए लालसा को पकड़ता है।