Meaning of

बे-ख़िज़ाँ

be-khizaan • بے خزاں

बिना पतझड़; सदाबहार

without autumn; evergreen

بے خزاں; ہمیشہ بہار

Persian

'बे-ख़िज़ाँ' शब्द एक अनंत काल और चिरस्थायी सुंदरता की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह पतझड़ के क्षय से अछूते अवस्था को दर्शाता है। कविता में इसे शाश्वत यौवन, अमर प्रेम और प्रकृति की दृढ़ता के प्रतीक के रूप में अपनाया गया है।

'बे-ख़िज़ाँ' का उपयोग कवि अक्सर उन परिदृश्यों का वर्णन करने के लिए करते हैं जो हरे-भरे और जीवंत रहते हैं। इसका उपयोग उस प्रेम को दर्शाने के लिए भी किया जाता है जो समय और ऋतुओं को चुनौती देता है। यह 'ख़िज़ाँ' के विपरीत है, जो क्षय की अनुपस्थिति को दर्शाता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'बे-ख़िज़ाँ' एक अनंत वसंत के सपने को समेटे हुए है। यह समय के क्षय से अछूते एक संसार की फुसफुसाहट करता है।