Meaning of

बे-ख़ुदी-ए-शौक़

be-khudi-e-shauq • بے خودی شوق

उत्साह की मस्ती; लालसा की परमानंद

intoxication of passion; ecstasy of longing

شوق کی بے خودی; خواہش کی سرشاری

Persian

बे-ख़ुदी-ए-शौक़ उत्साह और लालसा से अभिभूत होने की स्थिति को पकड़ता है। यह इच्छा के प्रति एक आनंदमय समर्पण है, जहाँ तर्क धुंधला हो जाता है और भावना का शासन होता है। कविता में, यह उस आनंदमय परित्याग को उजागर करता है जो प्रेम और लालसा ला सकते हैं।

कवि बे-ख़ुदी-ए-शौक़ का उपयोग प्रेम की अभिभूत करने वाली प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर तर्कसंगतता के विपरीत होता है, भावना के प्रति समर्पण को उजागर करता है।

बे-ख़ुदी-ए-शौक़ प्रेम की मादक शक्ति का उत्सव है। यह हमें उत्साह में खो जाने की सुंदरता की याद दिलाता है।