Meaning of
बे-मेहरी-ए-जहाँ
be-mehri-e-jahaan • بے مہری جہاں
Hindi
दुनिया की बेरुखी; करुणा की कमी
English
indifference of the world; lack of compassion
Urdu
جہاں کی بے مہری; ہمدردی کی کمی
Origin
Persian
Nuance
बे-मेहरी-ए-जहाँ दुनिया की ठंडक और उदासीनता को पकड़ता है, एक ऐसी जगह जहाँ करुणा दुर्लभ है। यह जीवन की कठोर वास्तविकताओं और सहानुभूति की अनुपस्थिति पर कवि की विलाप को दर्शाता है।
Poetic Usage
कवि इसका उपयोग समाज की सहानुभूति की कमी की आलोचना करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसी दुनिया का वर्णन कर सकता है जो दूर और असंवेदनशील महसूस होती है, कवि की गर्मजोशी और समझ की लालसा को उजागर करता है।
Closing Insight
बे-मेहरी-ए-जहाँ हमें उस गर्मजोशी की याद दिलाता है जिसे हम अक्सर उदासीन दुनिया में खोजते हैं, हमें करुणा को विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।