Meaning of
बे-नसीब-ए-सितम
be-naseeb-e-sitam • بے نصیب ستم
Hindi
दुख में अभागा
English
unfortunate in suffering
Urdu
ستم میں بے نصیب
Origin
Persian
Nuance
‘बे-नसीब-ए-सितम’ वाक्यांश दुख के सामने विशेष रूप से अभागा या दुर्भाग्यपूर्ण होने की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर भाग्य की निर्दयता और उसकी पकड़ में फंसे लोगों की असहायता को उजागर करता है।
Poetic Usage
कवि ‘बे-नसीब-ए-सितम’ का उपयोग उन लोगों के प्रति सहानुभूति उत्पन्न करने के लिए करते हैं जो बिना राहत के पीड़ित होते हैं, उनकी दुर्दशा को उन लोगों के विपरीत रखते हैं जो सांत्वना पाते हैं।
Closing Insight
‘बे-नसीब-ए-सितम’ में, कवि को स्थायी दुःख की मार्मिक सुंदरता मिलती है।