Meaning of

बे-ज़मीनी

be-zameeni • بے زمینی

भूमिहीनता; अस्थिरता

landlessness; lack of belonging

بے زمینی; عدم تعلق

Persian

बे-ज़मीनी एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है जहाँ व्यक्ति खुद को बिना किसी ठिकाने के पाता है। कविता में, यह अक्सर अस्तित्वगत संकट का प्रतीक होता है, जहाँ आत्मा खुद को अस्तित्व की विशालता में तैरता हुआ महसूस करती है।

कवि 'बे-ज़मीनी' का उपयोग निर्वासन और अलगाव के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह जड़ता और संबंध के शब्दों के विपरीत होता है, जो बिना ठिकाने के होने की भावनात्मक उथल-पुथल को उजागर करता है।

'बे-ज़मीनी' अपनी काव्यात्मक सार में आत्मा की उस मौन पुकार को पकड़ता है जो दुनिया में एक स्थान की तलाश कर रही है।