Meaning of

बेदम

bedam • اندھیرا

बिना सांस; निर्जीव

breathless; lifeless

بے دم; بے جان

Persian

अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का

40

Download Image

कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं
तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं

167

Download Image

अकेलेपन से कहाँ तालमेल होता है
खिलाड़ी इश्क़ में दो हों तो खेल होता है

न लेना इश्क़ के पर्चे में सौ से कम नंबर
यहाँ निनानवे वाला भी फेल होता है

67

Download Image

मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था
वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था

62

Download Image

ज़िक्र तुम्हारा बहुत ज़रूरी इन ग़ज़लों में जानेमन
चाय बिना अदरक को डाले अच्छी थोड़ी बनती है

59

Download Image

दुनिया के ता'ने सह लेता हूँ
इक अच्छा बेटा कहलाना है

53

Download Image

तू दिल पे बोझ ले के मुलाक़ात को न आ
मिलना है इस तरह तो बिछड़ना क़ुबूल है

51

Download Image

जिस पर हमारी आँख ने मोती बिछाए रात भर
भेजा वही काग़ज़ उसे हम ने लिखा कुछ भी नहीं

43

Download Image

हम ने जिस मासूम परी को अपने दिल की जाँ बोला था
उस ने हम को धोखा देकर और किसी को हाँ बोला था

सारे वादे भूल गई तुम कोई बात नहीं जानेमन
लेकिन ये कैसे भूली तुम मेरी माँ को माँ बोला था

42

Download Image

शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं

41

Download Image

अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी
हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का

40

Download Image

कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं
तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं

167

Download Image

'बेदम' शब्द स्थिरता और मौन का भाव उत्पन्न करता है, जो अक्सर जीवन या जीवंतता की अनुपस्थिति से जुड़ा होता है। कविता में, यह उन क्षणों का सार पकड़ता है जहाँ समय ठहर जाता है और दुनिया अपनी सांस रोक लेती है।

'बेदम' का उपयोग कवि अक्सर वीरानी के दृश्यों का वर्णन करने या तूफान के बाद की गहरी चुप्पी को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह गहरे दुःख या विचारमग्नता के क्षणों में महसूस की गई आंतरिक शून्यता को भी दर्शा सकता है।

'बेदम' अपनी शांति में आत्मा की मौन पुकारों का दर्पण है। यह एक ऐसा शब्द है जो शब्दों के बीच की जगहों में सांस लेता है।