Meaning of

बेगाना-निगाही

begaana-nigaahi • بیگانہ نگاہی

उदासीन दृष्टि; अलगाव

indifferent gaze; aloofness

بے پروا نگاہ; الگ تھلگ

Persian

मूल रूप में, 'बेगाना-निगाही' एक ऐसी दृष्टि को दर्शाता है जो उदासीन और अलग है, जैसे आँखें देख रही हैं लेकिन वास्तव में नहीं देख रही हैं। कविता में, यह शब्द भावनात्मक दूरी को व्यक्त करता है, जैसे कि परिचित परिवेश में भी एक बाहरी व्यक्ति होने का एहसास।

'बेगाना-निगाही' का उपयोग कवि अक्सर उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो भावनात्मक रूप से दूर होते हैं। यह एकतरफा प्रेम का प्रतीक हो सकता है, जहाँ एक व्यक्ति दूसरे के स्नेह से अनजान रहता है। यह 'निगाह-ए-महरबान' के विपरीत है, जो गर्मजोशी और समझ से भरी दृष्टि है।

कविता की दुनिया में, 'बेगाना-निगाही' आत्माओं के बीच मौन खाई को पकड़ता है। यह मानव संबंधों में अक्सर मौजूद अदृश्य बाधाओं की याद दिलाता है।