Meaning of

बेहद-ओ-बे-कराँ

behd-o-be-karan • بےحد و بےکراں

असीम; अनंत

boundless; limitless

بےحد; بےکراں

Persian

यह वाक्यांश विशालता और अनंतता की भावना को जागृत करता है, अक्सर ब्रह्मांड की असीमितता या भावनाओं की गहराई का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह किसी ऐसी चीज़ का सार पकड़ता है जिसे सीमित या मापा नहीं जा सकता।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रेम की अनंत प्रकृति या ब्रह्मांड की अनंत सुंदरता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर मानव जीवन की सीमित प्रकृति के विपरीत होता है, क्षणिक के खिलाफ शाश्वत को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बेहद-ओ-बे-कराँ' दृश्य क्षितिज से परे अनंत संभावनाओं की याद दिलाता है।