Meaning of

बहर-ए-बे-कनार

behr-e-be-kinaar • بہر بے کنار

असीम सागर; असीम विस्तार

boundless ocean; limitless expanse

بے کنار سمندر; لا محدود وسعت

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसे सागर की छवि प्रस्तुत करता है जिसके किनारे नहीं हैं, जो अनंतता और अस्तित्व की विशालता का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर भावनाओं की असीमता या मानव आत्मा की असीम संभावनाओं को दर्शाता है।

कवि इसका उपयोग प्रेम की अनंत संभावनाओं या दुःख की असीम गहराई को उजागर करने के लिए करते हैं। यह बंधन के विपरीत है, स्वतंत्रता और विस्तार को उजागर करता है।

कविता में, असीम सागर अनंत का रूपक है, भीतर और परे की विशाल संभावनाओं की याद दिलाता है।