Meaning of
बेरूह
berooh • بےروح
Hindi
निर्जीव; आत्माहीन
English
soulless; spiritless
Urdu
بےجان; بےروح
Origin
Persian
Nuance
मूल रूप से, 'बेरूह' आत्मा या जीवन शक्ति की कमी को दर्शाता है, अक्सर किसी निर्जीव या ऊर्जा रहित चीज़ का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह खालीपन की भावना को जागृत करता है, एक शून्य जहाँ कभी जीवन पनपता था, और अब केवल अतीत की गूँजें बची हैं।
Poetic Usage
कवि 'बेरूह' का उपयोग एक परिदृश्य की वीरानी या हृदय के भीतर की खालीपन को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आशा के नुकसान या सपनों के फीके पड़ने को भी दर्शा सकता है।
Closing Insight
अपने काव्य रूप में, 'बेरूह' अनुपस्थिति की भयानक चुप्पी को पकड़ता है, जो कभी जीवंत और जीवन से भरपूर था उसकी याद दिलाता है।