Meaning of

बिसात-ए-जहाँ

bisaat-e-jahaan • بساط جہاں

दुनिया का मंच; जीवन का रंगमंच

the board of the world; the stage of life

دنیا کا اسٹیج; زندگی کا رنگمنچ

Persian

यह वाक्यांश जीवन को एक विशाल शतरंज की बिसात के रूप में प्रस्तुत करता है, जहाँ हर चाल महत्वपूर्ण होती है और हर मोहरा एक भूमिका निभाता है। कविता में, यह मानव अस्तित्व की क्षणभंगुर और रणनीतिक प्रकृति का प्रतीक है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग दुनिया को एक मंच के रूप में चित्रित करने के लिए करते हैं, जहाँ मानव क्रियाएँ जानबूझकर और क्षणिक होती हैं। यह ब्रह्मांड की स्थायित्व को मानव प्रयासों की क्षणभंगुरता के साथ विपरीत करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'बिसात-ए-जहाँ' भाग्य और स्वतंत्र इच्छा के नाजुक संतुलन पर चिंतन का आमंत्रण देता है।