Meaning of

दर-ए-हसरत

dar-e-hasrat • در حسرت

लालसा का द्वार; इच्छा की दहलीज

door of longing; threshold of desire

دروازہ حسرت; خواہش کی دہلیز

Persian

'दर-ए-हसरत' वाक्यांश ऐसी जगह की छवि बनाता है जहाँ अधूरी इच्छाएँ ठहरती हैं। यह कविता में एक रूपक स्थान है जहाँ सपने और आकांक्षाएँ ठहरती हैं, साकार होने की प्रतीक्षा में। यह दहलीज आशा और उदासी दोनों का स्थान है।

कवि अक्सर 'दर-ए-हसरत' का उपयोग अप्राप्त प्रेम, अधूरे सपनों और लालसा की खट्टे-मीठे स्वभाव के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह उन सपनों की मार्मिक याद दिलाता है जो बस पहुँच से बाहर रहते हैं।

'दर-ए-हसरत' पर, कोई आशा और निराशा के बीच खड़ा होता है, एक ऐसी जगह जहाँ दिल लालसा के नाजुक संतुलन को सीखता है।