Meaning of

दर्द-ए-शब-ए-हिज्र

dard-e-shab-e-hijr • درد شب ہجر

वियोग की रात का दर्द; अकेली रात का दुःख

pain of the night of separation; sorrow of a lonely night

جدائی کی رات کا درد; تنہا رات کا غم

Persian

यह वाक्यांश उस गहरे, पीड़ादायक दुःख को व्यक्त करता है जो प्रिय से दूर बिताई गई रात के दौरान महसूस होता है। कविता में, यह विरह की भावना और अकेलेपन में बहाए गए मौन आँसुओं को पकड़ता है। रात दिल के अनकहे दुःख के लिए एक कैनवास बन जाती है, जहाँ हर क्षण अनंतता में फैल जाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग विरह और अलगाव के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह किसी प्रियजन से दूर होने के भावनात्मक उथल-पुथल का रूपक है। रात, अपनी चुप्पी और अंधकार के साथ, अलगाव और लालसा की भावना को बढ़ा देती है।

रात की शांति में, दिल के गहरे दुःख अपनी आवाज़ पाते हैं। यह वाक्यांश प्रेम और हानि के शाश्वत नृत्य को पकड़ता है।