Meaning of
दस्त-ए-शौक़
dast-e-shauq • دست شوق
Hindi
लालसा का हाथ; चाहत की पकड़
English
hand of longing; grasp of desire
Urdu
شوق کا ہاتھ; خواہش کی گرفت
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश एक हाथ की छवि को उभारता है जो तीव्र लालसा या चाहत से प्रेरित होकर आगे बढ़ता है। कविता में, यह उस तड़प का सार पकड़ता है जो किसी को उनके सपनों या प्रिय की ओर ले जाती है, अक्सर ऐसी खोजों में निहित कमजोरी और ताकत को उजागर करती है।
Poetic Usage
'दस्त-ए-शौक़' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम या महत्वाकांक्षा की निरंतर खोज को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अप्राप्य को पाने के साहस या स्वयं लालसा की खट्टी-मीठी प्रकृति का प्रतीक हो सकता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'दस्त-ए-शौक़' इच्छा और पूर्ति के बीच के शाश्वत नृत्य को मूर्त रूप देता है।