Meaning of

दौलत-ए-सुकूँ

daulat-e-sukoon • دولت سکوں

शांति की दौलत; सुकून का खज़ाना

wealth of peace; treasure of tranquility

سکون کی دولت; سکون کا خزانہ

Persian

'दौलत-ए-सुकूँ' अपने मूल में एक आंतरिक संपदा की छवि प्रस्तुत करता है, जो भौतिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक है। यह एक ऐसी अवस्था की बात करता है जहाँ शांति ही अंतिम खज़ाना है, आत्मा के भीतर एक आश्रय। कविता ने इस वाक्यांश को अपनाया है ताकि शांति में पाए जाने वाले गहरे समृद्धि को व्यक्त किया जा सके, इसे बाहरी दुनिया के अराजकता के विपरीत रखा जा सके।

'दौलत-ए-सुकूँ' का उपयोग कवि अक्सर आंतरिक शांति और बाहरी अशांति के बीच के अंतर को उजागर करने के लिए करते हैं। इसे शांत आत्मनिरीक्षण के क्षणों या एकांत में पाए जाने वाले मौन आनंद का वर्णन करने के लिए बुलाया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'दौलत-ए-सुकूँ' शांति में निहित संपदा की एक कोमल याद दिलाता है। यह पाठक को अंतिम खज़ाने के रूप में शांति की खोज करने के लिए आमंत्रित करता है।