Meaning of

दीदा-ए-बेताब

deeda-e-betaab • دیدہ بیتاب

बेचैन आँख; उत्सुक दृष्टि

restless eye; eager gaze

بے چین آنکھ; مشتاق نظر

Persian

‘दीदा-ए-बेताब’ शब्द आँखों की बेचैनी को दर्शाता है, जो देखने या जानने की अतृप्त प्यास से भरी होती हैं। कविता में, यह अक्सर एक ऐसी तड़प का प्रतीक होता है जो सुंदर और दर्दनाक दोनों होती है, एक ऐसी लालसा जो स्पष्ट और तीव्र होती है।

कवि अक्सर 'दीदा-ए-बेताब' का उपयोग अप्राप्त प्रेम में तड़प की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक जिज्ञासु की अतृप्त जिज्ञासा को भी दर्शा सकता है। यह वाक्यांश शांत या संतुष्ट आँखों के विपरीत होता है, आंतरिक भावनात्मक उथल-पुथल को उजागर करता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'दीदा-ए-बेताब' आँखों के माध्यम से दिल की बेचैन नृत्य को पकड़ता है।