Meaning of

दीदे

deede • دیدہ

आँख; दृष्टि; नज़र

eye; sight; vision

آنکھ; نظر; بصارت

Persian

दग़ाबाज़ी में भी ख़ुशबू वफ़ादारी की आएगी
वो मुझ को बाप की इज़्ज़त की ख़ातिर छोड़ जाएगी

उसे मालूम है मेरा पसंदीदा है काला रंग
मुझे लगता नहीं अब वो कभी काजल लगाएगी

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

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अब हमें देख के लगता तो नहीं है लेकिन
हम कभी उस के पसंदीदा हुआ करते थे

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किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी
उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं

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इस सोच का क़ब्ज़ा मेरे इदराक पे होना
अफ़लाक पे होने के लिए ख़ाक पे होना

दुनिया मुझे पूछे कि ये ख़ुशबू है किधर की
और मेरा ख़याल आप की पोशाक पे होना

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मुझे तो उस का भीतरी ग़ुबार है निकालना
सो आँख चूमता हूँ उस के होंठ चूमता नहीं

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वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं
जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है

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अश्क़-ओ-ख़ून घुलते हैं तब दीदा-ए-तर बनती है
दास्तान इश्क़ में मरने से अमर बनती है

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ग़ैर से खेली है होली यार ने
डाले मुझ पर दीदा-ए-ख़ूँ-बार रंग

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दीदा ओ दिल ने दर्द की अपने बात भी की तो किस से की
वो तो दर्द का बानी ठहरा वो क्या दर्द बटाएगा

20

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दग़ाबाज़ी में भी ख़ुशबू वफ़ादारी की आएगी
वो मुझ को बाप की इज़्ज़त की ख़ातिर छोड़ जाएगी

उसे मालूम है मेरा पसंदीदा है काला रंग
मुझे लगता नहीं अब वो कभी काजल लगाएगी

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

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शब्द 'दीदे' देखने और समझने की भावना को जागृत करता है, केवल आँखों से नहीं बल्कि आत्मा से भी। कविता में, यह देखने की भौतिक क्रिया से परे जाकर समझ और अंतर्दृष्टि का रूपक बन जाता है।

कवि अक्सर 'दीदे' का उपयोग दृष्टि और अंतर्दृष्टि के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की लालसा भरी दृष्टि, ऋषि की पैनी दृष्टि, या साधक की आत्मनिरीक्षण दृष्टि का संकेत दे सकता है।

कविता की दुनिया में, 'दीदे' हमें दृश्य से परे देखने, हृदय और आत्मा से अनुभव करने के लिए आमंत्रित करता है।