Meaning of

हाल-ए-ग़म

haal-e-gham • حال غم

दुःख की स्थिति; शोक की अवस्था

state of sorrow; condition of grief

غم کی حالت; افسردگی کی کیفیت

Persian

फ़िलहाल ग़म-ज़दा हैं तो मुमकिन नहीं हँसें
फ़ुर्सत मिलेगी ग़म से तो कोशिश करेंगे हम

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किस को सुनाऊँ हाल-ए-ग़म कोई ग़म-आश्ना नहीं
ऐसा मिला है दर्द-ए-दिल जिस की कोई दवा नहीं

अपना बना के ऐ सनम तुम ने जो आँख फेर ली
ऐसा बुझा चराग़-ए-दिल फिर ये कभी जला नहीं

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मैं उन को हाल-ए-ग़म अपना सुना देता मगर "राक़िम"
मोहब्बत करने वाले फिर मोहब्बत कर नहीं पाते

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फ़िलहाल ग़म-ज़दा हैं तो मुमकिन नहीं हँसें
फ़ुर्सत मिलेगी ग़म से तो कोशिश करेंगे हम

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किस को सुनाऊँ हाल-ए-ग़म कोई ग़म-आश्ना नहीं
ऐसा मिला है दर्द-ए-दिल जिस की कोई दवा नहीं

अपना बना के ऐ सनम तुम ने जो आँख फेर ली
ऐसा बुझा चराग़-ए-दिल फिर ये कभी जला नहीं

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'हाल-ए-ग़म' अपने मूल में दुःख में डूबे होने की गहरी अवस्था को समेटे हुए है। यह केवल क्षणिक उदासी नहीं है, बल्कि एक गहरी, स्थायी स्थिति है जो पूरे अस्तित्व को रंग देती है। कविता ने इस शब्द को मानव पीड़ा की गहराइयों और उसके साथ आने वाले मौन सहनशीलता को खोजने के लिए अपनाया है।

'हाल-ए-ग़म' का उपयोग कवि अक्सर दुःख में साझा मानव अनुभव की भावना को जगाने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो दुःख की सार्वभौमिक प्रकृति के साथ गूंजता है। यह शब्द खुशी के क्षणों के विपरीत भी हो सकता है, जिससे खुशी की क्षणभंगुर प्रकृति उजागर होती है।

कविता के क्षेत्र में, 'हाल-ए-ग़म' दुःख के बीच स्थायी मानव आत्मा का प्रमाण है।