Meaning of

हासिल-ए-जमाल

haasil-e-jamaal • حاصل جمال

सौंदर्य का सार; कृपा की पराकाष्ठा

essence of beauty; culmination of grace

حسن کی روح؛ کرم کی انتہا

Persian

मूल रूप में, 'हासिल-ए-जमाल' सौंदर्य के शुद्धतम रूप या सार को संदर्भित करता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि सौंदर्य के अनुभव की गहराईयों को खोजा जा सके, जहाँ सौंदर्य भौतिकता से परे जाकर आत्मा को छूता है।

'हासिल-ए-जमाल' का उपयोग कवि अक्सर प्रकृति, कला या प्रिय में पाए जाने वाले परम सौंदर्य को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक आदर्श का सुझाव देता है जो मूर्त और अमूर्त दोनों है, जो हृदय की गहरी प्रशंसा को पकड़ता है।

कविता में, 'हासिल-ए-जमाल' एक दिव्य खोज बन जाती है, सौंदर्य के अवर्णनीय सार को पकड़ने की यात्रा।