Meaning of

हद-ए-निगाह

had-e-nigaah • حد نگاہ

क्षितिज; दृष्टि की सीमा

horizon; limit of sight

افق; نظر کی حد

Persian

हद-ए-निगाह वह सीमा है जहाँ दृष्टि अनंत से मिलती है, जहाँ ठोस संसार अज्ञात में विलीन हो जाता है। कविता में, यह दृष्टि की सीमाओं और उन्हें पार करने की लालसा का प्रतीक है।

कवि अक्सर हद-ए-निगाह का उपयोग लालसा और अप्राप्य की खोज के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह सपनों की सीमा या प्रेम की पहुँच की सीमा का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

हद-ए-निगाह एक काव्यात्मक क्षितिज है, जो आत्मा को दृश्य से परे यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता है।