Meaning of
हक़्क़-ओ-बातिल
haqq-o-baatil • حق و باطل
Hindi
सत्य और असत्य; सही और गलत
English
truth and falsehood; right and wrong
Urdu
حق اور باطل; صحیح اور غلط
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश सत्य और असत्य के बीच के शाश्वत संघर्ष को पकड़ता है, एक द्वैत जो नैतिक और नैतिक सीमाओं को परिभाषित करता है। कविता में, यह अक्सर सही और गलत के बीच चयन करने के आंतरिक संघर्ष को दर्शाता है, एक विषय जो समय जितना पुराना है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग नैतिक विकल्प और नैतिक दुविधाओं के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह समाज के मूल्यों का एक दर्पण है, जो यह सवाल करता है कि क्या सही या गलत माना जाता है।
Closing Insight
हक़्क़-ओ-बातिल मानव क्रियाओं का मार्गदर्शन करने वाले नैतिक कम्पास पर एक शाश्वत प्रतिबिंब है। यह हमें समझने और बुद्धिमानी से चुनने की चुनौती देता है।