Meaning of
हस्ब-ए-ज़रूरत
hasb-e-zaroorat • حسب ضرورت
Hindi
आवश्यकतानुसार; ज़रूरत के मुताबिक
English
as needed; as required
Urdu
حسب ضرورت; ضرورت کے مطابق
Origin
Persian
Nuance
'हस्ब-ए-ज़रूरत' वाक्यांश व्यावहारिकता और अनुकूलनशीलता की भावना का सुझाव देता है। कविता में, यह जीवन की तरलता और परिस्थितियों के अनुसार समायोजित करने की क्षमता को दर्शा सकता है। यह संतुलन और संयम की भावना को जागृत करता है, जहां आवश्यकताएं बिना अति के पूरी होती हैं।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'हस्ब-ए-ज़रूरत' का उपयोग संयम और बुद्धिमत्ता के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे एक ऐसे जीवन का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जो जागरूकता के साथ जिया जाता है, जहां इच्छाएं आवश्यकता द्वारा संतुलित होती हैं। यह वाक्यांश चाहत और आवश्यकता के बीच के अंतर को भी उजागर कर सकता है।
Closing Insight
कविता में, 'हस्ब-ए-ज़रूरत' यह याद दिलाता है कि वास्तव में क्या आवश्यक है, इसे जानने में बुद्धिमत्ता है। यह अनुग्रह और विवेक के साथ जीने की कला को संबोधित करता है।