Meaning of

हसरत-मआल

hasrat-maal • حسرت مآل

लालसा का अंत; इच्छा की पराकाष्ठा

end of longing; culmination of desire

آرزو کا اختتام; خواہش کی انتہا

Persian

हसरत-मआल उस मार्मिक क्षण को व्यक्त करता है जब लालसा अपने निष्कर्ष पर पहुँचती है, चाहे वह पूरी हो या अधूरी। कविता में, यह अक्सर उन इच्छाओं की कड़वी-मीठी प्रकृति पर विचार करता है जो अपनी राह पर चल चुकी हैं।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग इच्छा की यात्रा के पराकाष्ठा को व्यक्त करने के लिए करते हैं, अक्सर अंत तक पहुँचने की भावनात्मक जटिलता को उजागर करते हैं। यह समापन की भावना या बनी रहने वाली लालसा को जागृत कर सकता है।

हसरत-मआल दिल की यात्रा को संबोधित करता है, जहाँ इच्छाएँ अपनी शांति पाती हैं, चाहे वह पूर्ति में हो या शांत समर्पण में।