Meaning of

हवा-ए-शाम-ए-अलम

hawa-e-shaam-e-alam • ہوا شام الم

दुःख की शाम की हवा; शोक की शाम की बयार

breeze of the evening of sorrow; wind of the evening of grief

غم کی شام کی ہوا; غم کی شام کی نسیم

Persian

यह वाक्यांश उस कोमल लेकिन मार्मिक दुःख की उपस्थिति को पकड़ता है जो शाम की हवा में बनी रहती है। कविता में, यह हवा द्वारा लाए गए पिछले दुःखों की सूक्ष्म यादों को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग दुःख की सर्वव्यापक प्रकृति को दर्शाने के लिए करते हैं, कैसे यह सब कुछ छूता है, यहाँ तक कि हवा को भी। यह नए दिन की ताजगी के विपरीत है, दुःख की स्थिरता को उजागर करता है।

शाम की हवा पुराने दुःखों की कहानियाँ फुसफुसाती है। फिर भी, यह उपचार का वादा करती है।