Meaning of

हिकायत

hikaayat • مقسوم

कहानी; कथा; किस्सा

story; tale; anecdote

کہانی; قصہ; حکایت

Arabic

गले से लगते ही जितने गिले थे भूल गए
वगर्ना याद थीं हम को शिकायतें क्या क्या

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तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा
इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते

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मैं कहाँ जाऊँ करूँँ किस से शिकायत उस की
हर तरफ़ उस के तरफ़-दार नज़र आते हैं।

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धूप तो धूप ही है इस की शिकायत कैसी
अब की बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब

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नींद उड़ जाएगी रातों को शिकायत होगी
मैं न समझा था तुम्हें इतनी मोहब्बत होगी

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यहीं तक इस शिकायत को न समझो
ख़ुदा तक जाएगा झगड़ा हमारा

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वो भी आख़िर तिरी ता'रीफ़ में ही ख़र्च हुआ
मैं ने जो वक़्त निकाला था शिकायत के लिए

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कट गई उम्र हमारी ये शिकायत करते
अपने जैसा कोई मिलता तो मुहब्बत करते

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कहने देती नहीं कुछ मुँह से मोहब्बत मेरी
लब पे रह जाती है आ आ के शिकायत मेरी

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कह के ये और कुछ कहा न गया
कि मुझे आप से शिकायत है

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गले से लगते ही जितने गिले थे भूल गए
वगर्ना याद थीं हम को शिकायतें क्या क्या

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तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा
इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते

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मूल रूप में 'हिकायत' का अर्थ एक कहानी या किस्सा है, जो अक्सर नैतिक या दार्शनिक अर्थों से भरा होता है। कविता में, यह गहरे सत्य का वाहक बन जाता है, जहाँ कहानी केवल घटनाओं का वर्णन नहीं होती, बल्कि मानव अनुभव और भावनाओं का प्रतिबिंब होती है।

कवि अक्सर 'हिकायत' का उपयोग छिपे हुए सत्य को प्रकट करने वाली कहानियों को बुनने के लिए करते हैं। यह जीवन की यात्रा का रूपक हो सकता है, भाग्य पर एक चिंतन, या समाज की अच्छाइयों और बुराइयों का दर्पण।

कविता के क्षेत्र में, 'हिकायत' केवल कहानी कहने से परे जाकर मानव स्थिति की गहन खोज बन जाती है।