Meaning of
हिर्स-ए-माल-ओ-मनाल
hirs-e-maal-o-manaal • حرص مال و منال
Hindi
धन और संपत्ति की लालसा
English
greed for wealth and possessions
Urdu
مال و دولت کی حرص
Origin
Arabic
Nuance
यह वाक्यांश भौतिक लाभ की अतृप्त इच्छा को पकड़ता है, एक भूख जो किसी सीमा को नहीं जानती। कविता में, यह अक्सर उस नैतिक पतन का प्रतीक होता है जो अनियंत्रित महत्वाकांक्षा के साथ आता है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग धन की निरंतर खोज की आलोचना करने के लिए करते हैं। यह उस खालीपन के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है जो भौतिकवाद आत्मा में ला सकता है।
Closing Insight
कविता में, 'हिर्स-ए-माल-ओ-मनाल' लालच से ग्रस्त आत्मा के खतरे की चेतावनी देता है।