Meaning of

हिसाब-ए-गुनह

hisaab-e-gunah • حساب گناہ

पापों का हिसाब; गलतियों का लेखा-जोखा

account of sins; reckoning of wrongdoings

گناہوں کا حساب; غلطیوں کا محاسبہ

Arabic

यह वाक्यांश नैतिक और नैतिक जवाबदेही के भार को सामने लाता है। कविता में, यह अक्सर आत्मनिरीक्षण और आत्म-निर्णय को दर्शाता है जो व्यक्ति अपने गलत कार्यों का सामना करते समय करता है।

कवि इसका उपयोग अपराधबोध और मोचन के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह नैतिक दिशा और अनिवार्य निर्णय की याद दिलाता है जिसका हम सामना करते हैं। अक्सर स्वीकारोक्ति और पश्चाताप के संदर्भ में उपयोग किया जाता है।

काव्यात्मक चिंतन में, 'हिसाब-ए-गुनह' अंतरात्मा के गलियारों के माध्यम से एक यात्रा है। यह नैतिकता के साथ मानव संघर्ष का प्रमाण है।