Meaning of

इफ़रात-ए-शौक़

ifraat-e-shauq • افرات شوق

उत्साह की अधिकता; इच्छा की प्रचुरता

excess of passion; abundance of desire

جذبے کی زیادتی; خواہش کی فراوانی

Persian

यह वाक्यांश उन भावनाओं की तीव्रता को पकड़ता है जो अपनी सीमाओं को पार कर जाती हैं। यह एक ऐसे उत्साह की बात करता है जिसे रोका नहीं जा सकता, एक ऐसी लालसा जो साधारण सीमाओं से परे है। कविता में, यह अक्सर प्रेम या महत्वाकांक्षा की उथल-पुथल भरी प्रकृति को दर्शाता है।

'इफ़रात-ए-शौक़' का उपयोग कवि इच्छा या उत्साह की प्रबलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम की जलती हुई आग, सपनों की अथक खोज, या जीवन की अतृप्त प्यास को चित्रित कर सकता है। यह वाक्यांश अक्सर संयम के विपरीत होता है, जो अनियंत्रित भावना की शक्ति को उजागर करता है।

कविता में, 'इफ़रात-ए-शौक़' हमें मानव लालसा की असीम ऊर्जा और इसकी अधिकता में पाए जाने वाले सौंदर्य की याद दिलाता है।