Meaning of

इर्तिआ'श-ए-शौक़

irti'aash-e-shauq • ارتعاش شوق

इच्छा की कंपकंपी; लालसा की थरथराहट

tremor of desire; quiver of longing

خواہش کی لرزش; آرزو کی کپکپاہٹ

Arabic

‘इर्तिआ'श-ए-शौक़’ अपनी मूल भावना में उस कोमल कंपकंपी को पकड़ता है जो गहरी लालसा के साथ होती है। यह दिल की वह सूक्ष्म थरथराहट है जो तीव्र इच्छा से स्पर्शित होती है, एक भावना जो नाजुक और गहरी दोनों होती है। कविता ने इस शब्द को मानव लालसा की गहराइयों का पता लगाने के लिए अपनाया है, जहाँ दिल की थरथराहट आत्मा की बेचैन खोज का रूपक बन जाती है।

कवि अक्सर 'इर्तिआ'श-ए-शौक़' का उपयोग अधूरी इच्छाओं की आंतरिक उथल-पुथल को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह कांपते दिलों और बेचैन रातों की छवियाँ उत्पन्न करता है। यह शब्द शांति के विपरीत है, जो जुनून की तीव्रता को उजागर करता है।

लालसा की थरथराहट में, कविता अपनी धड़कन पाती है। 'इर्तिआ'श-ए-शौक़' इच्छा के मौन गीत की धड़कन है।