Meaning of

इश्क़-ए-रोज़-अफ़्ज़ूँ

ishq-e-roz-afzoon • عشق روز افزوں

नित्य बढ़ता प्रेम; प्रतिदिन बढ़ने वाला प्रेम

ever-increasing love; love that grows daily

روز بروز بڑھتا ہوا عشق; روزانہ بڑھنے والا عشق

Persian

यह वाक्यांश उस प्रेम की भावना को पकड़ता है जो स्थिर नहीं है बल्कि गतिशील है, हर गुजरते दिन के साथ बढ़ता है। कविता में, यह एक ऐसे प्रेम की छवि को उभारता है जो समय की सीमाओं को पार करता है, और अधिक गहरा और अर्थपूर्ण बनता जाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग एक ऐसे प्रेम का वर्णन करने के लिए करते हैं जो शाश्वत और निरंतर बढ़ता रहता है। यह क्षणिक या स्थिर भावनाओं के विपरीत है, समय के साथ मजबूत होते बंधन पर जोर देता है।

कविता की दुनिया में, इश्क़-ए-रोज़-अफ़्ज़ूँ प्रेम की असीम क्षमता का प्रमाण है।