Meaning of

इश्क़-ए-यार

ishq-e-yaar • عشق یار

प्रियतम का प्रेम; प्रिय के लिए जुनून

love of the beloved; passion for the beloved

محبوب کی محبت; محبوب کے لئے جنون

Persian

जो उस सेे हो गया था तब यक़ीनन अब नहीं होगा
ख़ुद अपनी ही कहानी में यक़ीनन सब नहीं होगा

भरोसा इश्क़ यारी सब रहा बेकार उस के बिन
जो पागल था जवानी में यक़ीनन अब नहीं होगा

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तिरे ही पास में ये भी कहीं था
जहाँ पर तुम रहे दिल भी वहीं था

मिरे दिल को मिला है इश्क़ यारो
मिरा दिल दोस्ती लाइक़ नहीं था

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इस तरह तुझ से किनारा कर लिया मैं ने
और किसी से इश्क़ यारा कर कर लिया मैं ने

है सज़ा जिस की अभी तक मिल रही मुझ को
जुर्म देखो वो दोबारा कर लिया मैं ने

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जो उस सेे हो गया था तब यक़ीनन अब नहीं होगा
ख़ुद अपनी ही कहानी में यक़ीनन सब नहीं होगा

भरोसा इश्क़ यारी सब रहा बेकार उस के बिन
जो पागल था जवानी में यक़ीनन अब नहीं होगा

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तिरे ही पास में ये भी कहीं था
जहाँ पर तुम रहे दिल भी वहीं था

मिरे दिल को मिला है इश्क़ यारो
मिरा दिल दोस्ती लाइक़ नहीं था

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'इश्क़-ए-यार' एक गहरी, आत्मा को छू लेने वाली प्रेम की भावना को दर्शाता है जो सांसारिकता से परे है। कविता में, यह एक तीव्र भावनात्मक बंधन का प्रतीक है जो आनंद और पीड़ा दोनों का स्रोत है। यह प्रेम केवल रोमांटिक नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक भी है, जो प्रियतम के साथ मिलन की लालसा को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'इश्क़-ए-यार' का उपयोग लालसा और पूर्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आत्मा की अपनी अंतिम इच्छा की ओर यात्रा का रूपक है। यह वाक्यांश सांसारिक लगावों के विपरीत भी हो सकता है, सच्चे प्रेम की शुद्धता और तीव्रता को उजागर करता है।

'इश्क़-ए-यार' में प्रेम की द्वैत प्रकृति का सार मिलता है: आनंद और पीड़ा दोनों का स्रोत।