Meaning of

इशरत-ए-जाँ

ishrat-e-jaan • عشرت جاں

आत्मा की प्रसन्नता; जीवन का आनंद

delight of the soul; joy of life

روح کی خوشی; زندگی کی خوشی

Persian

इशरत-ए-जाँ आत्मा को पोषित करने वाली गहरी खुशी और प्रसन्नता की बात करता है। मूल रूप से, यह एक गहरी, आंतरिक खुशी को दर्शाता है जो सांसारिकता से परे है। कविता में, यह जीवन के क्षणिक सुखों और आंतरिक शांति की अनंत खोज का प्रतीक बन जाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग क्षणिक सुखों की सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह उन कोमल क्षणों को चित्रित कर सकता है जो सांत्वना लाते हैं, प्रेम की कोमल गले लगाना, या प्रकृति की गोद में मिलने वाली शांत संतोष।

इशरत-ए-जाँ हमें आत्मा की खुशी की क्षमता की याद दिलाता है। यह जीवन के कोमल क्षणों की एक कोमल फुसफुसाहट है।