Meaning of

जान-ए-जहाँ-गश्त

jaan-e-jahaan-gasht • جان جہاں گشت

दुनिया का प्रिय; दुनिया का यात्री

beloved of the world; wanderer of the world

دنیا کا محبوب; دنیا کا مسافر

Persian

यह वाक्यांश उस व्यक्ति की भावना को जगाता है जो दुनिया का अत्यधिक प्रिय है, फिर भी एक यात्री है, जो अस्तित्व की विशालता का अन्वेषण करता है। यह प्रिय होने और खोजी होने की द्वैतता को पकड़ता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग एक ऐसे चरित्र का वर्णन करने के लिए करते हैं जो प्रिय भी है और बेचैन भी। यह रोमांच और गहरे भावनात्मक संबंधों से भरी जीवन की ओर संकेत करता है। प्रिय और यात्री होने के बीच का विरोधाभास चरित्र की यात्रा में गहराई जोड़ता है।

कविता में, 'जान-ए-जहाँ-गश्त' प्रेम और अर्थ की अनंत खोज का प्रतीक बन जाता है।