Meaning of
जान-ए-सुख़न
jaan-e-sukhan • جان سخن
Hindi
वाक्पटुता की आत्मा; काव्य का सार
English
soul of eloquence; essence of poetry
Urdu
فصاحت کی جان; شاعری کا جوہر
Origin
Persian
Nuance
जान-ए-सुख़न वाक्पटुता के सार और आत्मा को पकड़ता है। यह काव्यात्मक अभिव्यक्ति के हृदय की बात करता है, जहाँ शब्द केवल बोले नहीं जाते बल्कि गहराई से महसूस किए जाते हैं, आत्मा के साथ गूंजते हैं।
Poetic Usage
कवि अपने कार्य के भावनात्मक केंद्र को उजागर करने के लिए जान-ए-सुख़न का आह्वान करते हैं। यह अक्सर मानव आत्मा पर कविता के गहरे प्रभाव का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह सतहीपन के विपरीत है, गहराई और ईमानदारी को उजागर करता है।
Closing Insight
जान-ए-सुख़न हमें शब्दों की कला से आत्मा के संबंध की याद दिलाता है।