Meaning of

जमाल-ए-हुस्न

jamaal-e-husn • جمال حسن

सुंदरता की सुंदरता; आकर्षण का सार

beauty of beauty; essence of charm

حسن کی خوبصورتی; دلکشی کا جوہر

Arabic

‘जमाल-ए-हुस्न’ वाक्यांश सुंदरता के शिखर को दर्शाता है, जहाँ सुंदरता स्वयं एक अतिरिक्त परत की शोभा और आकर्षण से सजी होती है। कविता में, यह अभिव्यक्ति केवल भौतिकता से परे जाकर उस अलौकिकता को छूती है, जो देखी और महसूस की जाती है।

कवि अक्सर 'जमाल-ए-हुस्न' का उपयोग एक आदर्शीकृत सुंदरता को वर्णित करने के लिए करते हैं जो आत्मा को मोहित करती है। इसका उपयोग उस गहन प्रभाव को व्यक्त करने के लिए किया जाता है जो साधारण से परे है। यह वाक्यांश सरल सुंदरता की अवधारणाओं के विपरीत होता है, इसकी गहराई और तीव्रता को उजागर करता है।

जमाल-ए-हुस्न उस सुंदरता के सार को पकड़ता है जो गहन और पारलौकिक दोनों है। यह पाठक को सतह के परे छिपी आकर्षण की परतों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।