Meaning of

जौहर-ए-बेदाद

jauhar-e-bedaad • جوہر بیداد

अत्याचार का सार; उत्पीड़न का मूल

essence of tyranny; core of oppression

ظلم کی جوہر; جبر کی بنیاد

Persian

यह शब्द क्रूरता की गहरी और अंतर्निहित प्रकृति को दर्शाता है, उत्पीड़न के कार्यों के मूल को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर अत्याचार की निरंतर और तीव्र प्रकृति का प्रतीक होता है, एक ऐसी शक्ति जो भयभीत और घृणित दोनों होती है।

कवि इसे शासकों या प्रणालियों की कठोरता को उजागर करने के लिए उपयोग करते हैं। यह कोमल शब्दों के विपरीत है, पीड़ा की कठोर वास्तविकता को उजागर करता है। इसे किसी पात्र के आंतरिक उथल-पुथल का वर्णन करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'जौहर-ए-बेदाद' पीड़ा की आत्मा को पकड़ता है, मानव स्थिति का एक दर्पण।