Meaning of

जज़्बा-ए-बे-इख़्तियार

jazba-e-be-ikhtiyaar • جذبہ بے اختیار

अवश भाव; प्रबल भावना

uncontrollable passion; overwhelming emotion

بے قابو جذبہ; زبردست جذبات

Persian

यह वाक्यांश उन भावनाओं के सार को पकड़ता है जो किसी के नियंत्रण से परे होती हैं। कविता में, यह प्रेम या क्रोध की उथल-पुथल भरी प्रकृति को दर्शाता है, जहाँ तर्क भावना की लहर से बह जाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग उन भावनाओं की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो तर्क को चुनौती देती हैं। यह अक्सर प्रबल प्रेम या गहरे दुःख के संदर्भों में प्रकट होता है, जहाँ हृदय नेतृत्व करता है और मन उसका अनुसरण करता है।

अवश भाव के क्षेत्र में, हृदय की फुसफुसाहट सबसे ऊँची आवाज़ बन जाती है।