Meaning of
जेहल-ए-ख़िरद
jehal-e-khird • جہل خرد
Hindi
बुद्धि की अज्ञानता; विवेक की मूर्खता
English
ignorance of intellect; folly of wisdom
Urdu
عقل کی جہالت; حکمت کی حماقت
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
मूल रूप में, 'जेहल-ए-ख़िरद' बुद्धि के होते हुए भी अज्ञानी रहने के विरोधाभास को दर्शाता है। कविता इसको और गहराई से समझती है, जहाँ ज्ञान और समझ के बीच का तनाव उभरता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'जेहल-ए-ख़िरद' का उपयोग उन विद्वानों की विडंबना को उजागर करने के लिए करते हैं जो सरल सत्य को नहीं समझ पाते। यह पुस्तकीय ज्ञान की सतहीता को सहज समझ की गहराई के साथ तुलना करता है।
Closing Insight
कविता में, 'जेहल-ए-ख़िरद' मानव बुद्धि की विडंबना को दर्शाने वाला दर्पण बन जाता है। यह विवेक की सीमाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।
