Meaning of
जिस्म-ए-ज़ार
jism-e-zaar • جسم زار
Hindi
पीड़ित शरीर; दुखी रूप
English
body in distress; suffering form
Urdu
پریشان جسم; دکھ میں مبتلا شکل
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश शारीरिक और भावनात्मक उथल-पुथल की भावना को जगाता है। कविता में, यह अक्सर दर्द और लालसा से भरी मानवीय स्थिति का प्रतीक होता है।
Poetic Usage
कवि इसका उपयोग गहरे दुख या शोक से भरे हृदय को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह मानवीय अस्तित्व की नाजुकता को भी दर्शा सकता है।
Closing Insight
'जिस्म-ए-ज़ार' अपनी मूल में मानवीय नाजुकता की मार्मिक सुंदरता को पकड़ता है।