Meaning of

जोश-ए-बे-ख़ुदी

josh-e-be-khudi • جوش بے خودی

स्वयं को खोने का जोश; आत्मविस्मृति का उत्साह

fervor of selflessness; ecstasy of losing oneself

خود کو کھونے کا جوش; خود فراموشی کا جوش

Persian

यह वाक्यांश एक तीव्र जुनून की भावना को दर्शाता है जहाँ व्यक्ति स्वयं की चेतना खो देता है। कविता में, यह अक्सर एक आध्यात्मिक उन्माद की स्थिति का प्रतीक होता है जहाँ आत्मा एक बड़े अस्तित्व में विलीन हो जाती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग आध्यात्मिक जागरण या दिव्य प्रेम के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक चिंताओं के विपरीत, आत्मा से परे की यात्रा को उजागर करता है। यह अक्सर रहस्यवाद और भक्ति के विषयों की खोज करने वाले छंदों में दिखाई देता है।

'जोश-ए-बे-ख़ुदी' अपनी काव्यात्मक सार में आत्मा को अपनी सीमाओं से परे जाने के लिए आमंत्रित करता है। यह अनंत के साथ एकता का उत्सव है।