Meaning of

जोश-ए-रश्क

josh-e-rashk • جوش رشک

ईर्ष्या की तीव्रता; जलन का जोश

intensity of envy; fervor of jealousy

حسد کی شدت; رشک کا جوش

Persian

यह वाक्यांश उस भावनात्मक स्थिति को दर्शाता है जहाँ ईर्ष्या एक प्रेरक शक्ति बन जाती है, मानो दिल के भीतर एक तूफान हो। कविता में, यह अक्सर अधूरी इच्छाओं या महसूस की गई अन्याय से उत्पन्न आंतरिक संघर्ष और उथल-पुथल का प्रतीक होता है।

कवि इसका उपयोग ईर्ष्या की कच्ची, बिना छानी हुई भावनाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रशंसा और नाराजगी के बीच संघर्ष को चित्रित कर सकता है। अक्सर उन भावनाओं की तीव्रता को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है जो विनाशकारी और आकर्षक दोनों होती हैं।

जोश-ए-रश्क ईर्ष्या के विरोधाभास को समेटे हुए है - दर्द का स्रोत और गहरी भावनाओं का प्रमाण।