Meaning of

जुस्तुजू

justuju • جستجو

खोज; तलाश; आकांक्षा

search; quest; longing

تلاش; جستجو; آرزو

Persian

वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर
वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ

25

Download Image

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही
नहीं विसाल मुयस्सर तो आरज़ू ही सही

52

Download Image

जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है

51

Download Image

ऐ शख़्स मैं तेरी जुस्तुजू से
बे-ज़ार नहीं हूँ थक गया हूँ

45

Download Image

नहीं निगाह में मंज़िल, तो जुस्तजू ही सही
नहीं विसाल मुयस्सर तो आरज़ू ही सही

42

Download Image

पा सकेंगे न उम्र भर जिस को
जुस्तुजू आज भी उसी की है

37

Download Image

तिरी जुस्तुजू में निकले तो अजब सराब देखे
कभी शब को दिन कहा है कभी दिन में ख़्वाब देखे

35

Download Image

बुरी सरिश्त न बदली जगह बदलने से
चमन में आ के भी काँटा गुलाब हो न सका

33

Download Image

मरने का है ख़याल ना जीने की आरज़ू
बस है मुझे तो वस्ल के मौसम की जुस्तजू

30

Download Image

तेरे बग़ैर भी तो ग़नीमत है ज़िंदगी
ख़ुद को गँवा के कौन तेरी जुस्तुजू करे

27

Download Image

वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर
वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ

25

Download Image

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही
नहीं विसाल मुयस्सर तो आरज़ू ही सही

52

Download Image

जुस्तुजू का मूल भाव उस बेचैन आत्मा का है जो कुछ ऐसा खोज रही है जो उसके हाथों से परे है। कविता में, यह अक्सर आत्मा की उस आकांक्षा को दर्शाता है जो अप्राप्य की खोज में है, जहाँ यात्रा का महत्व गंतव्य जितना ही है।

कवि 'जुस्तुजू' का उपयोग मानव की अनंत खोज की स्थिति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की अपने प्रिय की खोज, दार्शनिक की सत्य की खोज, या यात्री की अर्थ की खोज को दर्शा सकता है।

कविता की दुनिया में, 'जुस्तुजू' उस सुंदरता की याद दिलाती है जो खोज में ही निहित है, जहाँ यात्रा ही गंतव्य बन जाती है।