Meaning of

कार-ए-फ़ुज़ूल

kaar-e-fuzool • کار فضول

बेकार का काम; व्यर्थ प्रयास

useless task; futile effort

بے کار کا کام; بے سود کوشش

Persian

'कार-ए-फ़ुज़ूल' मूल रूप से एक ऐसे कार्य को संदर्भित करता है जिसका कोई उद्देश्य या मूल्य नहीं होता। कविता में इस शब्द का उपयोग अस्तित्व की निरर्थकता और मानव प्रवृत्ति की व्यर्थता को दर्शाने के लिए किया गया है।

'कार-ए-फ़ुज़ूल' का उपयोग कवि अक्सर कुछ सामाजिक मानदंडों की बेतुकापन को उजागर करने के लिए करते हैं। यह उदासी या विडंबना की भावना को जागृत कर सकता है। यह उन शब्दों के विपरीत है जो सार्थक या उद्देश्यपूर्ण कार्यों को दर्शाते हैं।

कविता में 'कार-ए-फ़ुज़ूल' हमारे अपने कार्यों का दर्पण बनकर उनकी सार्थकता पर प्रश्न उठाता है। यह उद्देश्य के सार पर चिंतन का निमंत्रण देता है।